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Heart Touching
अब भी इल्जामएमोहब्बत है हमारे सिर
अब भी इल्जामएमोहब्बत है हमारे सिर
अब भी इल्जाम-ए-मोहब्बत है हमारे सिर पर; अब तो बनती भी नहीं यार हमारी उसकी।
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कदम रुक से गए हैं फूलों
दिल की किस्मत बदल न पाएगा;
सुना है आज उस की आँखों
तुम आज हँसते हो हंस लो
बदले तो नहीं हैं वो दिलओजान
हाथों की लकीरों पर मत जा
एक ग़ज़ल तेरे लिए ज़रूर लिखूंगा;
बन गए गैर अपने होते हुए;
मेरे प्यार को बहकावा समझ लिया
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