ना जाने यह नज़रें क्यों उदास रहती हैं; ना जाने इन्हे किसकी तलाश रहती है; जानती हैं यह कि वो किस्मत में नहीं; लेकिन फिर भी ना जाने क्यों उन्हें पाने की आस रखती हैं।

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