क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा,
लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते..

जलील ना किया करो किसी फकीर को ऐ दोस्त
वो भीख लेने नही तुम्हें दुआएँ देने आता है

माना तुझे पाने की लकीर मेरे हाथों में नहीं थी,
मगर तुझे पाने की चाहत हर जन्म में रहेगी..!

Maa haQ se rok deti hai khuda ko
Jab batt uski ulad par ati hai

मेरे लिए इतनी लम्बी उम्र की दुआ मत मांग .
ऐ दोस्त
कहीं ऐसा ना हो के तू भी छोड़ दे और मौत भी ना आये.

💟सच्चा प्यार हमेशा गलतइन्सान से
होताहै...
और जब ✔सही इन्सान से प्यार
होता है...
तब वक़्त⌚ गलत होता है. Er kasz

जब भी देखता हुं हसते खिल खिलाते चेह्ररे लोगों के
दुआ करता हुं इन्हे कभी मोहब्बत ना हो

में कैसे उस शख्श को रुला सकता हुँ,,,
जिस को खुद मेने रो रो के मांगा हो

कहने को तो सब अपने हैं ऐ खुदा
उसे मेरा बना तब मानू कि तू खुदा है

कल घर से निकले थे, माँ के हाथो के बने पराठे खा कर...
आज सड़क किनारे चाय तलाश रही है जिंदगी...!! Er kasz

बड़ी शिद्द्त से राजी हुए है वो साथ चलने को ...
खुदा करे के मुझे सारी जिंदगी मंजिल न मिले....

इंतजार तो बस उस दिन का है जिस दिन
तुम्हारे नाम के पिछे हमारा नाम लगेगा

जी भर कर जुल्म कर लो......
क्या पता मेरे जैसा कोई बेजुबान तुम्हें फिर मिले ना मिल*::*""!! Er kasz

तुम दुआ के वक़्त जरा मुझे भी बुला लेना,
दोनों मिलकर एक दूसरे को मांग लेंगे...!!!

सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती
दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए