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Two Lines
Dil Shayari
नीम का पेड़ था बरसात थी
नीम का पेड़ था बरसात थी
नीम का पेड़ था बरसात थी और झूला था
गाँव में गुज़रा ज़माना भी ग़ज़ल जैसा था
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Chala tha zikr apno ki bersquo;wafai
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