Home
Aapka Swagat Hai
Shayari Bazar
Mai
Toggle navigation
Menu
English
Punjabi
Hindi
Urdu
Haryanvi
Two-lines
Riddles
Sms
Facebook Status
Jokes
Quotes
Catholic
Home
Two Lines
Hate Shayari
मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल
मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल
मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल छोटा करूँ.
वो उतनी ही कर सकी वफ़ा जितनी उसकी औकात थी.
Like
(
2
)
Dislike
(
1
)
Share
Related Post
Chhoria likh to aise deti h
मदहोश होता हूँ तो दुनियाँ को
एक ज़माना था कि तेरी आरज़ू
जिस दिन आपने अपनी सोच बड़ी
जीवन में बहुत सी मुश्किलें आयेगीं
प्यार करता हु इसलिए Fikar करता
मरने कीबातपे जोरख देते थे मुँह
मुझे मजबूर करती हैं यादें तेरी
कहना ही पड़ा उसे शायरी पढ़
बहुत रोई होगी वो खाली कागज
Your Comment
Login
Your Comment