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Two Lines
Heart Touching
ठान लिया था कि अब और
ठान लिया था कि अब और
ठान लिया था कि अब और नहीं लिखेंगे
पर उन्हें देखा और अल्फ़ाज़ बग़ावत कर बैठे
er kasz
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बुरे वक्त का अपना एक अलग
दोस्तो मुझे मुहब्बत हो गयी है
नज़रनज़र का फर्क है हुस्न का
खफा नहीं हूँ तुझसे ए जिंदगीबस
तेरी ज़ुल्फ़ों से जुदाई तो नहीं
मोहब्बत उस से नहीं की जाती
मुझे मजबूर करती हैं यादें तेरी
Hasne ko chand lamhe rone ko
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