Home
Aapka Swagat Hai
Shayari Bazar
Mai
Toggle navigation
Menu
English
Punjabi
Hindi
Urdu
Haryanvi
Two-lines
Riddles
Sms
Facebook Status
Jokes
Quotes
Catholic
Home
Two Lines
Kashish Shayari
ये नजर चुराने की आदत आज
ये नजर चुराने की आदत आज
ये नजर चुराने की आदत आज भी नहीं बदली उनकी
कभी मेरे लिए जमाने से और अब जमाने के लिए हमसे
er kasz
Like
(
0
)
Dislike
(
0
)
Share
Related Post
Ek khwaish hai khuda se ke
ग़लतियाँ सुधारने का समय तब खत्म
जबाँ ख़ामोश है लेकिन निग़ाहें बात
चलो आज बचपन का कोई खेल
मुझे अपने किरदार पे इतना तो
उसके आने की उम्मीद तो है
बदल जाती हो तुम कुछ पल
वहा तक तो साथ चल जहा
हम ख़ुशबू जैसे लोग हैबस बिखरेबिखरे
Meri waffa se jyada kimat toUs
Your Comment
Login
Your Comment