Home
Aapka Swagat Hai
Shayari Bazar
Mai
Toggle navigation
Menu
English
Punjabi
Hindi
Urdu
Haryanvi
Two-lines
Riddles
Sms
Facebook Status
Jokes
Quotes
Catholic
Home
Two Lines
Taarif Shayari
कभी काजल कभी बिंदिया कभी चूड़ी
कभी काजल कभी बिंदिया कभी चूड़ी
कभी काजल कभी बिंदिया कभी चूड़ी कभी कजरा
मुझे ज़ख़्मी किया ज़ालिम तेरे इन्ही हथियारो ने
Like
(
45
)
Dislike
(
13
)
Share
Related Post
Badi hi shiddat se intzaar hai
एक वो हैं जो हमारी बात
जलन जन्नत को भी होती तो
तेरी आँखों की तोहीन नही तो
छुप छुप कर तेरी सारी तस्वीरें
अक्सर वही लोग उठाते हैं हम
जिस्म है शीशे का पत्थर का
कल घर से निकले थे माँ
मासुमियत तो देखीये महबुब कि मेरेशरमा
नज़र ए बाद से बचना है
Your Comment
Login
Your Comment