Home
Aapka Swagat Hai
Shayari Bazar
Mai
Toggle navigation
Menu
English
Punjabi
Hindi
Urdu
Haryanvi
Two-lines
Riddles
Sms
Facebook Status
Jokes
Quotes
Catholic
Home
Two Lines
Zindagi Shayari
मालुम था कुछ नही होगा हासिल
मालुम था कुछ नही होगा हासिल
मालुम था कुछ नही होगा हासिल लेकिन
वो इश्क ही क्या जिसमें खुद को ना गवायाँ जाए
er kasz
Like
(
0
)
Dislike
(
0
)
Share
Related Post
मंज़िलें तेरे अलावा भी कई है
गुज़र गया वो वक़्त जब हम
वो बेनकाब जो फिरती है गली
Yakin mano aaj is qdder yaad
हर मंजिल तुम हो मेरी हर
जिन्दगी की उलझनों ने कम कर
आदत नहीं हमे पीठ पीछे वार
Kehne Lagi Hai Ab To Meri
डूबे हुओं को हमने बिठाया था
हर रोज एक नया फलसफा जिन्दगी
Your Comment
Login
Your Comment