यूँ ही तो नहीं दिल मेरा तुझे तलाशता फिरता; कर यकीन मंज़िल का तू ही है किनारा मेरा; यूँ ही तो नहीं आयी सदा तेरी हवाओं में बह कर; हौले से तूने ही होगा नाम पुकारा मेरा।

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