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Heart Touching
अब भी इल्जामएमोहब्बत है हमारे सिर
अब भी इल्जामएमोहब्बत है हमारे सिर
अब भी इल्जाम-ए-मोहब्बत है हमारे सिर पर; अब तो बनती भी नहीं यार हमारी उसकी।
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घर बना के मेरे दिल में
मुक्कदर का गरीब दिल का अमीर
मत बनाना रिश्ता इस जहां में;
तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी
मैंने रब से कहा वो छोड़
हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता
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