कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते
हर एक ने धोखा दिया किस-किस को भुला देते
अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा
बयां करते तो महफ़िल को रुला देते

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