अपनी हर बात रखने का दावा किया उसने; लगा जैसे हकीकत में जीने का बहाना किया उसने; टूट गया कोई अल्फ़ाज़ों से उनके उनको पता तक नहीं; ज़िंदगी सिर्फ नाम नहीं मोहब्बत का यह भी सिखाया उसने।

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