कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गए सपने..
कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने

करोगे याद गुजरे जमाने को तरसोगे हमारे साथ एक पल बिताने को फिर आवाज़ दोगे हमे वापिस बुलाने को और हम कहेंगे दरवाजा नहीं है कबर से बाहर आने को!

दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है ज
हाँ एक हल्की सी मुस्कराहट और छोटी सी माफ़ी से ज़िन्दगी दोबारा पहले जैसी हो

हमारी बेखुदी का हाल वो पूछे अगर
तो कहना होश बस इतना है की तुमको याद करते है

गर्दिश में सितारे होतें हैं! सब दूर किनारे होतें हैं! यूँ देख के यादों की लहरें! हम बैठ किनारे रोते हैं!

फूल शबनम में डूब जाते हैं; जख्म मरहम में डूब जाते हैं; जब आती है कभी याद तेरी; हम तेरे गम में डूब जाते हैं।

जान जब प्यारी थी तब दुश्मन हज़ारों थे
अब मरने का शौक है तो क़ातिल नहीं मिलते

अभी मशरूफ हूँ काफी कभी फुर्सत में सोचूंगा; कि तुझको याद रखने में मैं क्या - क्या भूल जाता हूँ।

मत पूछो शीशे से उसके टुट जाने की वजह
उसने भी किसी पत्थर को अपना समझा होगा

शाम होते ही चिरागों को बुझा देता हूँ; ये दिल ही काफी है तेरी याद में जलने के लिए।

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना
जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

कौन कहता है की ताजमहल खूबसूरत है
ये तो पत्थर की मूरत है जरा आकर देख लो ऐ दुनिया वालों इससे अच्छी तो मेरे मेहबूब की सूरत है

शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है
जंगल में कभी चुनाव नही होते

छत टपकती है उसके कच्चे घर की
वो किसान फिर भी बारिश की दुआ करता है

ठान लिया था कि अब और नहीं लिखेंगे
पर अभी उसे देखा और अल्फ़ाज़ बग़ावत कर बैठे