आप भुलाकर देखो हम फिर भी याद आएंगे; आपके चाहने वालों में; आपको हम ही नज़र आएंगे; आप पानी पी-पी के थक जाओगे; पर हम हिचकी बनकर याद आएंगे!

बूँद-बूँद से है सागर की गहराई; इसकी हर बूँद है मुझ में समाई; कोई मांगे तो एक बूँद ना दे सकेंगे; क्योंकि हर बूँद में है आपकी याद समाई।

ऐ दोस्त जब भी तू उदास होगा, मेरा ख्याल तेरे पास होगा, दिल की गहराईयों से जब भी करोगे याद हमें , तुम्हे हमारे करीब होने का एहसास होगा..

हँसना और हँसाना कोशिश है मेरी; हर कोई खुश रहे यह चाहत है मेरी; भले ही मुझे कोई याद करे या ना करे; लेकिन हर अपने को याद करना आदत है मेरी!

महक होती तो तितलियाँ जरूर आती; कोई रोता तो सिसकियाँ जरूर आती; कहने को तो लोग मुझे बहुत याद करते हैं; मगर याद करते तो हिचकियाँ जरूर आती।

दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूं; प्यार का उसे पैगाम क्या दूं; इस दिल में दर्द नहीं उसकी यादें हैं; अब यादें ही दर्द दे; तो उसे क्या इल्ज़ाम दूं!

साँसों से प्यारी यादें हैं तुम्हारी; धड़कन से प्यारी बातें हैं तुम्हारी; तुम्हें यकीन हो न हो पर; इस जिंदगी से प्यारी दोस्ती है तुम्हारी।

उसकी याद हमें बेचैन बना जाती है; हर जगह हमें उसकी सूरत नजर आती है; कैसा हाल किया है मेरा आपके प्यार ने; नींद भी आती है तो आँखें बुरा मान जाती हैं।

तेरी कमी का ऐहसास होता है,
तेरे दूर जाने से दिल रोता है,
किसे सुनाऐ अपना हाल-ऐ-दिल,
जिसे देखो वो यही कहता है
जो होता है अच्छे के लिऐ होता है...... Er kasz

आज ये पल है; कल बस यादें होंगी; जब ये पल ना होंगे; तब सिर्फ बातें होंगी; जब पलटोगे जिंदगी के पन्नों को; तो कुछ पन्नों पर नाम और कुछ पर मुस्कुराहटें होंगी।

हम इतने स्वीट नहीं कि मधुमेह (Diabetic) हो जाए; ना इतने नमकीन हैं कि ब्लड प्रेसर बढ़ जाए; और ना इतने स्वादी हैं कि मज़ा आ जाए; पर इतने कड़वे भी नहीं कि याद ना आयें।

मेरे दुश्मन भी, मेरे मुरीद हैं शायद.
वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं ,
मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर,
रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं !!! Er kasz

अपनी हर सांस में आबाद किया है तुमको; ए मेरी जाना बहुत याद किया है तुमको; मेरी जिंदगी में तुम नहीं तो कुछ भी नहीं; अपनी जिंदगी से बढ़कर प्यार किया है तुमको!

आज ये पल है कल बस यादें होंगी; जब ये पल ना होंगे तब सिर्फ बातें होंगी; जब पलटोगे जिंदगी के पन्नों को; तो कुछ पन्नों पर आँखें नम और कुछ पर मुस्कुराहटें होंगी।

किसी ने मुझसे पुछा की :
"तुम इतने खुश कैसे
रेह लेते हो…??"
तो मेने कहा :-
"मैनें ज़िन्दगी की गाड़ी
से वो साइड ग्लास
ही हटा दिया,
जिसमे पीछे छूटे रास्ते नज़र आते हैं..!