अभी तो रात बाकी है मेरे दिल की बात बाकी है; जो मेरे दिल में छुपा है वो जज़्बात बाकी है; जल्दी से सो जाना दोस्त आप की नींद बाकी है; सुबह मिलते हैं कल की शुरुआत बाकी है। शुभ रात्रि!

दर्द आपके इंतज़ार का हम चुपचाप सहते हैं; क्योंकि आप हर पल हमारे दिल में रहते हैं; ना जाने हमें नींद आयेगी भी कि नहीं; लेकिन; आप ठीक से सो सकें इसलिए आपको गुड नाईट कहते हैं। शुभ रात्रि!

कल की हसीन मुलाक़ात के लिए; आज रात के लिए; हम तुम जुदा हो जाते हैं; अच्छा चलो सो जाते हैं। शुभ रात्रि!

चलो सो जाते हैं अब किसी सच की तलाश में; रही सांसें तो सुबह फिर इस झूंठी दुनिया का दीदार करना है। शुभ रात्रि।

जीवन के हर मोड़ पर खुशियों को आने दो; जुबां पर हर वक्त मिठास को रहने दो; ना रहो उदास और ना किसी को रहनो दो। शुभ रात्रि!

अपनों के प्यार में दोस्तों की याद में; सलामत रहे ये ज़िंदगी हमारी; क़यामत हो ना हो; याद रहे सदा आप को हमारी। शुभ रात्रि!

ख़ुशी से दिल को आबाद करना; ग़म को दिल से आज़ाद करना; बस इतनी गुज़ारिश है आपसे कि; हो सके तो दुआ में एक बार याद जरुर करना। शुभ रात्रि!

प्यारी सी रात में प्यारे से अँधेरे में; प्यारी सी नींद में प्यारे से सपनों में; प्यारे से दोस्त को प्यारी सी शुभ रात्रि! शुभ रात्रि!

दोस्ती अगर बुरी हो तो उसे होने मत दो; अगर हो गई हो तो उसे खोने मत दो; और अगर दोस्त हो सबसे प्यारा; तो उसे सोने मत दो जागते रहो! शुभ रात्रि!

हम आपको खोने नहीं देंगे; अपने से जुदा कभी होने नहीं देंगे; आज ही भिजवा रहें हैं दस हज़ार मच्छर; जो रात भर आपको सोने नहीं देंगे। गुड नाईट!

ओ जाओ सो जाओ मुझे गुड नाईट कहे बिना सो जाओ; रात की रानी आएगी धक्का दे कर जाएगी; बिस्तर से आपको गिराएगी; फिर सारी नींद उड़ जाएगी! शुभ रात्रि!

रब तू अपना जलवा दिखा दे; उनकी ज़िन्दगी को भी अपने नूर से सजा दे; रब मेरे दिल की ये दुआ है; मालिक मेरे दोस्त के सपने हकीक़त बना दे। शुभ रात्रि!

आज आपकी रात की अच्छी शुरुआत हो; प्यार भरे सपनों की बरसात हो; जिनको दिन भर ढूंढती हैं आपकी पलकें; रब करे सपनो में उनसे मुलाकात हो। शुभ रात्रि!

काश वो फिर मिलने की वजह मिल जाए; साथ वो बिताया वो पल मिल जाए; चलो अपनी आँखें बंद कर लें; क्या पता ख़्वाबों में गुजरा हुआ कल मिल जाए। शुभ रात्रि!

हर सपना कुछ पाने से पूरा नहीं होता; कोई किसी के बिन अधूरा नहीं होता; जो चाँद रौशन करता है रात भर सब को; हर रात वो भी तो पूरा नहीं होता। शुभ रात्रि!