किसी भी मनुष्य की वर्तमान स्थिति को देख कर उसके भविष्य का मज़ाक मत उड़ाओ; क्योंकि काल में इतनी शक्ति है कि वो असाधारण से दिखने वाले कोयले को भी धीरे-धीरे हीरे में बदल देता है।

जिंदगी में हद से ज्यादा ख़ुशी और हद से ज्यादा गम का कभी किसी से इज़हार मत करना क्योंकि ये दुनिया बड़ी ज़ालिम है। हद से ज्यादा ख़ुशी पर नज़र और हद से ज्यादा गम पर नमक लगाती है।

एक बार किसी कार्य को करने का लक्ष्य निर्धारित कर लेने के बाद इसे हर कीमत तथा कठिनाई की लागत पर पूरा करें। किसी कठिन कार्य को करने से उत्पन्न आत्म विश्वास अभूतपूर्व होता है।

प्यार किसी कवि की कोमल कलप्ना जैसा नहीं है। ये तो वो दो-धारी तलवार है जिसने कितनी महिलाओं को अपनी इच्छाओं और जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी और की इच्छा और जरूरत बनने पर मजबूर किया है।

मैं गरीब नहीं हूँ क्योंकि मुझे मेहनत से कमाना और सुकून से सोना आता है। गरीब तो वो लोग हैं जिन्हें बेईमानी भ्रष्टाचार और रिश्वत से भी चैन नहीं मिलता। और सदैव ही अनिंद्रा और भय से घिरे रहते हैं।

कोई काम शुरू करने से पहले स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये - मैं ये क्यों कर रहा हूँ इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा। और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें तभी आगे बढें।

किशमिश को मसलो चाहे जितना वो अंगूर ना बन पायेगी; ब्यूटी पार्लर में मालिश कितना भी करें बुड्ढी जवां ना हो पायेगी; जलन ईर्ष्या गुस्से ने बिगाड़ा चेहरा खुश रहो चमक तो आ जाएगी; ढलती उमर में सूरत से बेहतर सीरत ये बात कब समझ में आएगी!

जिस प्रकार एक गाय का बछड़ा हज़ारों गायो में अपनी माँ के पीछे चलता है उसी तरह कर्म आदमी के पीछे चलते हैं। किसी भी मनुष्य की वर्तमान स्थिति देख के उसके भविष्य का उपहास मत उड़ाओ; क्योंकि काम में इतनी शक्ति है कि वो एक मामूली से कोयले को धीरे-धीरे हीरे में बदल देती है।

दुनिया की सभी प्यारी पुत्रियों को समर्पित: बेटा वारिस है तो बेटी पारस है; बेटा वंश है तो बेटी अंश है; बेटा आन है तो बेटी शान है; बेटा तन है तो बेटी मन है; बेटा मान है तो बेटी गुमान है; बेटा संस्कार है तो बेटी संस्कृति है; बेटा दवा है तो बेटी दुआ है; बेटा भाग्य है तो बेटी विधाता है; बेटा शब्द है तो बेटी अर्थ है; बेटा गीत है तो बेटी संगीत है; बेटा प्रेम है तो बेटी पूजा है।