टूट जाता है वो रिशता जो गिरीबी मे खाश होता है
हजारो यार बनते है जब पैसा पास होता है

दोस्तों कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है
पर रोटी की साईज लगभग सब घर मे एक जैसी ही होती है

इश्क के रिश्ते भी बड़े नाजुक होते है दोस्तो,
रात को नम्बर बिजी आने पर भी टूट जाते है..

वो ढूँढ रहे थे हमसे दूर जाने के बहाने..
मेने सोच खफा होके उनकी मुश्किले आसान कर दूँ..

अखलाक से ही पहेचान होती है इंसानो की
महेंगे कपडे तो पुतले भी पहनते है दुकानों में

मेरी कहानी खत्म हो तो कुछ ऐसे खत्म हो की
लोग रोने लगे मेरे लिए तालियाँ बजाते बजाते

लाखो दर्द छिप जाते है ऐक लम्हा इश्क़ में
लाखो खुशिया मिट जाती है ऐक लम्हा जुदाई में

मैं कुर्बान हो जाउं मेरे यार की यारी पर...
मेरी दुआ भी वो है, मेरी दवा भी वो है ..
💔💔nik💔💔

आज कुछ नही है मेरे शब्दों के गुलदस्ते में....
कभी-कभी मेरी ख़ामोशियाँ भी पढ़ लिया करो....

अभी तो अच्छे लोगों का राज है दुनिया में
जब कमिँनोँ की बारी आयेगी तो बादशाह हम होंगे

रिश्वत भी नहीं लेती कम्बख्त जान छोड़ने
की….!
ये तेरी याद मुझे बहुत ईमानदार लगती है.

माना की तुम्हारी एक आबाज से भीड उमड आती है
पर पगली हमारी एक ललकार से भीड बिखर जाती है

उस वक़्त , उसके दिल में भी , बहुत दर्द उठेगा ......
हमसे बिछड़ के , जब हमारे , हमनाम मिलेंगे ........!!"

ग़र तुम्हे अपना कहें तो तुम्हे कोई शिकवा तो नहीं
जमाना पूछता है बता तेरा अपना कौन है

मौत को तो लोग यूहीं बदनाम करते है ।
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तकलीफ तो सुबह सुबह ‪‎ठंडा पानी‬ देता है ।