"कोई तो है जो हमे "Dua" मे माँग रही है.
वरना ऐसे ही थोडी हम "Single" है...!!"

यहीं पर सारे चमन की बहार थी कल तक; पड़ी है आज जहाँ ख़ाक आशियाने की।

काश ये मोहब्बत ख्वाब सी होती,
.
बस आँख खुलती और किस्सा खत्म ।

मनाने का रिवाज़ उसकी किताब में नहीं था
मैं रूठा तो वो चली गयी ...!!!

शेरों को कहना नया शिकारी आया हैं,
या तो हुकूमत छोड़ दे या जीना..

Attitude‬ तो बचपन से है
जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसी से बात नही की

दुशमन सामने आने से भी डरते थे . . .
और वो पगली दिल से खेल के चली गई....।

ये इश्क़ उसका वो अाशिकी है मेरी
वो लड़की नहीं ज़िन्दगी है मेरी

इस तन्हा रात में अजीब सी बात है, लाख
ना चाहने पर भी याद तू आती है !!

हमे सिंगल रेहने का शौक नही
हमारा तेवर झेल सके वो आज तक मिली नही

इजाजत हो तो तेरे पास आ जाऊं मै...चाँद के पास भी तो एक सितारा रहता है !

बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे; कि जब भी देखा तुझे अपने साथ देखा।

ना वो मिलती है, ना मैं रुकता हूँ;
पता नहीं रास्ता गलत है, या मंजिल!

अभी-अभी वो मिला था हज़ार बातें कीं; अभी-अभी वो गया है मगर ज़माना हुआ।

यकीन करो आज इस कदर याद आ रहे हो तुम; जिस कदर तुम ने भुला रखा है मुझे।