बस दुआएँ बटोरनें आया हूँ इस दुनिया में दोस्तों
माँ ने कहा दौलत तो साथ जाती नहीं

पहाड़ से गिरा हुआ इंसान फ़िर से उठ सकता है; लेकिन नज़रों से गिरा हुआ इंसान कभी नहीं उठ सकता।

सब्र एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को कभी भी गिरने नहीं देती न किसी के कदमों मे और न किसी की नजरों से।

भगवान से कुछ मांगना ही है तो हमेशा अपनी माँ के सपने पूरे होने की दुआ माँगना; तुम खुद ब खुद आसमान की ऊंचाइया छू लोगे।

लोग कहते हैं दुःख बुरा होता है जब आता है रुलाता है; मगर हम कहते हैं दुःख अच्छा होता है; जब भी आता है कुछ न कुछ सिखा जाता है।

धर्म से कर्म इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि धर्म करके भगवान से मांगना पडता है जबकि कर्म करने से भगवान को खुद ही देना पडता है।

दोस्ती उनसे करो जो निभाना जानते हो; नफ़रत उनसे करो जो भुलाना जानते हो; ग़ुस्सा उनसे करो जो मानना जानते हो; प्यार उनसे करो जो दिल को लुटाना जानते हो।

भगवान कहते हैं: उदास मत होना क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ; सामने नहीं पर आसपास हूँ; पलकों को बंद कर दिल से याद करना; मैं और कोई नहीं तेरा आत्मविश्वास हूँ।

ख़ुशी आभार का सरलतम रूप है।

आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है?

मूर्ख की दोस्ती से बुद्धिमान की दुश्मनी अच्छी।

मित्र वो है जिसके शत्रु वही हैं जो आपके शत्रु हैं।

जिसके पास उम्मीद है वो लाख बार हार कर भी नहीं हारता।

आदमी के शिष्टाचार एक दर्पण है जो उसका चित्र दर्शाता है।

जब तक हम अपना आत्म-सम्मान किसी को ना दें कोई इसे ले नहीं सकता।