मेरे पास वक्त नहीं है नफ़रत करने का उन लोगों से जो मुझसे नफ़रत करते हैं; क्योंकि; मैं व्यस्त हूँ उन लोगों में जो मुझसे प्यार करते हैं।

ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता; नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता; लड़ते रहो ज़िन्दगी से हरपल; क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!

दो अक्षर का होता है लक; ढाई अक्षर का होता है भाग्य; तीन अक्षर का होता है नसीब; साढ़े तीन अक्षर की होती है किस्मत; पर ये चारों के चारों चार अक्षर मेहनत से छोटे होते हैं!

आहिस्ता चल जिंदगी,
अभी कई कर्ज़ चुकाना बाकी है।
कुछ दर्द मिटाना बाकी है,
कुछ फर्ज निभाना बाकी है।.
रफ़्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गये,
कुछ छूट गये। रुठों को मनाना बाकी है,
रोतों को हसाना बाकी है।.
कुछ हसरतें अभीं अधूरी है,
कुछ काम भी और जरुरी है।
ख्वाईशें जो घूट गई इस दिल में,
उनको दफ़नाना बाकी है।
.कुछ रिश्तें बनकर टूट गये,
कुछ जुडते-जुडते छूट गये।
उन टूटे-छूटे रिश्तों के जख्मों
को मिटाना बाकी है।.
तू आगे चल मै आता हूँ,
क्या छोड तुझे जी पायेंगे?
इन सांसों पर हक़ है जिनका,
उनको समझाना बाकी हैं।.
आहिस्ता चल जिंदगी,
अभी कई कर्ज़ चुकाना बाकी है...!!
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भय रहित तो केवल वैराग्य ही है।

बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता।

बुरे व्यक्ति पश्चाताप से भरे होते हैं।

जीवों के प्रति दया रखो। घृणा विनाश की ओर ले जाती है।

जीवन का लक्ष्य पद प्रतिष्ठा और धन नहीं है बल्कि सेवा है।

पैर में मोच और छोटी सोच इंसान को कभी आगे बढ़ने नहीं देती।

तरक्की की फसल हम भी काट लेते; थोड़े से तलवे अगर हम भी चाट लेते!

दूसरों के दुःख पर अपनी ख़ुशी का निर्माण करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

भगवान और इंसान में इतना ही फ़र्क़ है कि भगवान तन से पत्थर और इंसान मन से पत्थर।

न जन्म कुछ न मृत्यु कुछ बस इतनी सी बात है
किसी की आंख खुल गई किसी को निंद आ गई

विनम्रता की परीक्षा समृद्धि में और स्वाभिमान की परीक्षा अभाव में होती है।